“एमओयूएलडीएस एंड मेटल्स जॉर्जिया लिमिटेड” (Moulds and Metals Georgia LLC)

धातुकर्म (मेटलर्जिकल) क्षेत्र का कॉर्पोरेट विवाद – डी.एम., जेड.एम. और अन्य बनाम जॉर्जिया राज्य

एलएलसी “एमओयूएलडीएस एंड मेटल्स जॉर्जिया” जॉर्जिया में पंजीकृत एक व्यावसायिक कानूनी इकाई (एलएलसी) है, जो धातु प्रसंस्करण/धातुकर्म (मेटलर्जिकल) के क्षेत्र में काम करती है।

कंपनी की मुख्य विशेषताएं:

  • स्थापना वर्ष: 2011
  • गतिविधि का क्षेत्र: धातु के ढलवां पुर्जों (कास्टिंग्स) का उत्पादन, धातु प्रसंस्करण और बिक्री
  • यह धातुकर्म क्षेत्र में एक मध्यम/बड़े पैमाने का औद्योगिक उद्यम है
  • यह पोती औद्योगिक क्षेत्र (Poti Industrial Zone) में स्थित है
  • इसकी स्थानीय और अंतर्राष्ट्रीय दोनों प्रकार की साझेदारी संरचना (पार्टनरशिप स्ट्रक्चर) है।

कंपनी को आयात-निर्यात (एक्सपोर्ट-इंपोर्ट) संचालन में भाग लेने के लिए भी जाना जाता है और यह जॉर्जिया में धातुकर्म उत्पादन के सक्रिय उद्यमों में से एक है।

उपलब्ध सार्वजनिक आंकड़ों के अनुसार, इसके स्वामित्व में जॉर्जियाई साझेदार और विदेशी निवेशक दोनों शामिल हैं और यह धातुकर्म उद्योग में कई वर्षों से एक सक्रिय व्यावसायिक इकाई के रूप में दर्ज है।

मामले का संक्षिप्त विवरण और मुख्य परिस्थितियां:

इस वर्तमान आपराधिक मामले में, अभियोजन पक्ष (ब्लेम साइड) आरोपियों पर एलएलसी “एमओयूएलडीएस एंड मेटल्स जॉर्जिया” की गतिविधियों के दायरे में गबन (मिसएप्रोप्रिएशन) और लेखांकन/कॉर्पोरेट हेरफेर (अकाउंटिंग/कॉर्पोरेट मैनिपुलेशन) सहित अत्यंत गंभीर वित्तीय अपराध करने का आरोप लगा रहा है।

अभियोजन पक्ष के अनुसार, ऐसा आरोप है कि कंपनी में एक काल्पनिक (फर्जी) योजना चल रही थी, जिसके माध्यम से वस्तुओं की आपूर्ति बाजार मूल्य से अधिक कीमत पर की जा रही थी और परिणामस्वरूप कंपनी को नुकसान हो रहा था।

हालांकि, मामले के दस्तावेज, बचाव पक्ष (डिफेंस साइड) का रुख और अदालत द्वारा पहले ही विचार किए जा चुके नागरिक (सिविल) फैसले एक बिल्कुल अलग तस्वीर दिखाते हैं।

 

सिविल मामले का महत्वपूर्ण अदालती फैसला

पोती सिटी कोर्ट के 30 मई 2024 के फैसले (मामला संख्या №2/394-23) के द्वारा यह स्थापित किया गया था कि:

  • कंपनी को वास्तविक नुकसान तुर्की साझेदारों (पार्टनर्स) की हरकतों के कारण हुआ था;
  • उन्हें 9,876,452 अमेरिकी डॉलर के बराबर हर्जाना (नुकसान की भरपाई) देने का आदेश दिया गया था;
  • उन्हें कंपनी से निष्कासित (निष्कासित/बाहर) कर दिया गया था;
  • अदालत ने जॉर्जियाई पक्ष के मुकदमे को आंशिक रूप से स्वीकार कर लिया।

यह निर्णय मामले के समग्र कानूनी संदर्भ को महत्वपूर्ण रूप से बदल देता है और अभियोजन पक्ष के रुख की निष्पक्षता पर सवाल उठाता है।

 

बचाव पक्ष का रुख और महत्वपूर्ण परिस्थितियां

बचाव पक्ष के आकलन के अनुसार:

  • अभियोजन पक्ष वस्तुनिष्ठ सत्य (ऑब्जेक्टिव ट्रुथ) स्थापित करने पर ध्यान केंद्रित नहीं कर रहा है;
  • बार-बार अनुरोध किए जाने के बावजूद, तुर्की भागीदारों की जिम्मेदारी की जांच नहीं की गई;
  • मामले में बाजार कीमतों का कोई निष्पक्ष (वस्तुनिष्ठ) विश्लेषण प्रस्तुत नहीं किया गया है;
  • अभियोजन पक्ष का मुख्य आधार केवल संबंधित (स्वार्थ रखने वाले) व्यक्तियों के बयानों पर टिका है।

ऑडिट और वित्तीय निष्कर्ष (Auditorial and Financial Findings)

बचाव पक्ष द्वारा प्रस्तुत ऑडिट मूल्यांकन के अनुसार:

  • कंपनी केवल कुछ ही वर्षों (2017, 2021) में आंशिक रूप से मुनाफे में थी;
  • शेष अवधि में 29,290,066 लारी का भारी नुकसान (घाटा) दर्ज किया गया है;
  • कंपनी पर अपने ही साझेदारों (पार्टनर्स) के प्रति महत्वपूर्ण क्रेडिट देनदारियां (ऋण दायित्व) बकाया हैं;
  • कंपनी पर अपने ही साझेदारों की महत्वपूर्ण क्रेडिट देनदारियां (ऋण दायित्व) बकाया हैं;

 

जांच की कार्रवाई की वैधता का मामला

मामले में प्रस्तुत दस्तावेजों के अनुसार:

  • विभिन्न कंपनियों में बड़े पैमाने पर तलाशी (सर्चेस) ली गई थी;
  • गवाहों पर मनोवैज्ञानिक दबाव और जबरदस्ती किए जाने के तथ्यों के बारे में जानकारी दर्ज है;
  • ऐसे बयान मौजूद हैं कि गवाहों की गवाही (बयान) अनुचित परिस्थितियों में प्राप्त की गई थी;
  • गवाहों का एक हिस्सा पहले से तैयार किए गए (प्री-ड्राफ्टेड) टेक्स्ट/बयानों की ओर इशारा करता है।

इन कथित तथ्यों पर विशेष जांच सेवा (Special Investigative Service) में उचित जांच चल रही है।

बचाव पक्ष द्वारा की गई कानूनी कार्रवाइयाँ

बचाव पक्ष ने इस मामले में एक जटिल कानूनी रणनीति अपनाई है, जिसमें अदालती मुकदमों के साथ-साथ कानून प्रवर्तन प्रणाली (लॉ एनफोर्समेंट सिस्टम) की कार्रवाइयों पर नियंत्रण रखने वाले तंत्रों को सक्रिय करना शामिल है।

  1. सफल सिविल मुकदमे

बचाव पक्ष की भागीदारी और कानूनी रुख के आधार पर, कंपनी से जुड़े विवादों में:

  • दो सिविल मामलों में जीत हासिल की गई, जो साझेदारों के बीच के संबंधों और कॉर्पोरेट जिम्मेदारी से संबंधित थे;
  • अदालतों ने बचाव पक्ष के तर्कों को स्वीकार किया और यह स्थापित किया कि अभियोजन पक्ष का रुख पूरी तरह से न्यायसंगत (तथ्यसंगत) नहीं था;
  • यह निर्णय कंपनी के भीतर जिम्मेदारी के बंटवारे की कानूनी तस्वीर को मौलिक रूप से बदल देते हैं।

 

  1. स्वतंत्र जांच की शुरुआत

बचाव पक्ष की पहल पर:

  • कानून प्रवर्तन एजेंसियों (लॉ एनफोर्समेंट एजेंसीज) के अधिकारियों द्वारा संभावित आपराधिक कृत्यों के तथ्यों पर एक स्वतंत्र जांच शुरू की गई है;
  • यह जांच कथित तौर पर किए गए अवैध दबाव, गवाही के लिए मजबूर करने और प्रक्रियात्मक अधिकारों (प्रोसीजरल राइट्स) के उल्लंघन के मामलों से जुड़ी है;
  • यह प्रक्रिया विशेष जांच तंत्रों (स्पेशल इन्वेस्टिगेटिव मैकेनिज्म) की भागीदारी के साथ चल रही है।

 

  1. अपराधिक मामले का प्रबंधन (क्रिमिनल केस मैनेजमेंट)

बचाव पक्ष चल रहे आपराधिक मामले में सक्रिय रूप से शामिल है, जिसके तहत:

  • आरोपी इस चरण में जमानत (बेल) पर हैं और हिरासत (जेल) में नहीं हैं;
  • वर्तमान में मुकदमे से पहले का चरण (प्री-ट्रायल स्टेज) चल रहा है, जहाँ बचाव पक्ष यह दलील दे रहा है कि दोषसिद्धि (सजा होने) की उच्च संभावना नहीं है;
  • साक्ष्यों (सबूतों) की कमी और प्रक्रियात्मक उल्लंघनों (प्रोसीजरल वॉयलेशंस) को प्रमुखता से रेखांकित किया गया है।

 

समग्र मूल्यांकन (ओवरऑल असेसमेंट)

इस मामले में बचाव पक्ष (डिफेंस साइड) की गतिविधि को निम्नानुसार वर्गीकृत किया गया है:

  • एक बहुआयामी और व्यापक कानूनी रणनीति;
  • अदालत में सक्रिय और प्रभावी बचाव का संचालन;
  • राज्य (प्रशासन) की ओर से संभावित प्रक्रियात्मक उल्लंघनों की पहचान करना और उन पर उचित कानूनी कार्रवाई करना;
  • सभी कानूनी स्तरों (इन्स्टांसेज) पर आरोपियों के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करना।

 

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